2nd PUC Hindi Question and Answer Sukhi Dali
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Karnataka 2nd PUC Hindi Textbook Answers—Reflections Chapter 19
Sukhi Dali Questions and Answers, Notes, and Summary
2nd PUC Hindi Chapter 19
Sukhi Dali
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I. एक शब्द या वाक्यांश या वाक्य में उत्तर लिखिए :
Question 1.
मिश्रानी को किसने काम से हटा दिया ?
Answer:
मिश्रानी को छोटी बहू (बेला) ने काम से हटा दिया।
Question 2.
मिश्रानी कितने वर्षों से मूलराज के परिवार में काम कर रही थी ?
Answer:
वह पच्चीस वर्षों से मूलराज के परिवार में काम कर रही थी।
Question 3.
नौकरों से काम लेने के लिए क्या होनी चाहिए ?
Answer:
नौकरों से काम लेने के लिए योग्यता और समझदारी होनी चाहिए।
Question 4.
हँसी के मारे मर जाने की बात कौन कहती है ?
Answer:
इन्दु कहती है कि वह हँसी के मारे मर जाएगी।
Question 5.
हर बात पर अपने मायके की तारीफ कौन करती रहती है ?
Answer:
बेला (छोटी बहू) हर बात पर अपने मायके की तारीफ करती रहती है।
Question 6.
दादा जी का छोटा पोता परेश किस पद पर था ?
Answer:
परेश नायब तहसीलदार था।
Question 7.
मलमल के धान और अबरों को परेश किसके पास नहीं ले कर जाते ?
Answer:
मलमल के दान और अबरों को परेश बेला के पास नहीं ले जाते।
Question 8.
मूलराज के मँझले बेटे का नाम लिखिए ।
Answer:
मूलराज के मँझले बेटे का नाम गिरधारी है।
Question 9.
दादा जी के अनुसार उनका परिवार किस पेड़ के समान है ?
Answer:
दादा जी के अनुसार उनका परिवार बरगद (वट) का पेड़ है।
Question 10.
हल्की सी खरोंच भी दवा न लगने पर क्या बन जाती है?
Answer:
हल्की-सी खरोंच भी दवा न लगने पर घाव बन जाती है।
Question 11.
छोटी बहू के मन में किसकी मात्रा जरुरत से ज्यादा है ?
Answer:
छोटी बहू के मन में अहम (घमंड) की मात्रा जरूरत से ज्यादा है।
Question 12.
घृणा को किससे नहीं मिटाया जा सकता ?
Answer:
घृणा को घृणा से नहीं मिटाया जा सकता।
Question 13.
बरगद का पेड़ किन लोगों ने उखाड़ दिया ?
Answer:
बरगद का पेड़ अंग्रेजों ने उखाड़ दिया।
Question 14.
दादा जी ने परेश से छोटी बहू को कहाँ ले जाने के लिए कहा ?
Answer:
दादा जी ने परेश से छोटी बहू को घर घुमाने (परिचय कराने) के लिए ले जाने को कहा।
Question 15.
किसे दूसरों का हस्तक्षेप और आलोचना पसंद नहीं है ?
Answer:
बेला को दूसरों का हस्तक्षेप और आलोचना पसंद नहीं है।
Question 16.
व्यक्ति किन गुणों से बड़ा होता है ?
Answer:
व्यक्ति चरित्र और गुणों से बड़ा होता है।
Question 17.
पेड़ की छाया को बढ़ाने का काम कौन करती है?
Answer:
पेड़ की छाया बढ़ाने का काम डालियाँ करती हैं।
Question 18.
दादा जी को किस कल्पना से सिहरन होने लगती है ?
Answer:
दादा जी को परिवार के टूटने की कल्पना से सिहरन होने लगती है।
Question 19.
बरगद के पेड़ की कहानी किनका निर्माण करती हैं ?
Answer:
बरगद के पेड़ की कहानी समूह-निर्माण और एकता का निर्माण करती है।
Question 20.
दादा जी किसके हक में हैं?
Answer:
दादा जी संयुक्त परिवार के हक में हैं।
Question 21.
किसने सारी-की-सारी छत फावड़े से खोद डाली ?
Answer:
हरदत्त ने सारी-की-सारी छत फावड़े से खोद डाली।
Question 22.
बंसीलाल का लड़का गली के सिरे पर क्या कर रहा था ?
Answer:
बंसीलाल का लड़का गली के सिरे पर पतंग उड़ा रहा था।
Question 23.
बेला के अनुसार परिवार की सदस्या उससे किस प्रकार डरती हैं?
Answer:
बेला के अनुसार परिवार की सदस्या उससे दबी-दबी रहती हैं / डरती हैं।
Question 24.
दादा जी ने सबको क्या समझाया था ?
Answer:
दादा जी ने सबको एकता और प्रेम की महत्ता समझाई थी।
Question 25.
‘सूखी डाली’ के एकांकीकार का नाम लिखिए ।
Answer:
‘सूखी डाली’ के एकांकीकार उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ हैं।
II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
Question 1.
इन्दु को अपनी भाभी बेला पर क्यों क्रोध आया?
Answer:
इन्दु को अपनी भाभी बेला पर इसलिए क्रोध आया क्योंकि बेला हर समय अपने मायके की तारीफ़ करती रहती थी और ससुराल की आलोचना करती थी। यह व्यवहार इन्दु को उचित नहीं लगा।
Question 2.
रजवा ने छोटी भाभी से क्या कहा?
Answer:
रजवा ने छोटी भाभी से कहा कि वह परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सहयोग से रहें तथा घर की परंपराओं को सम्मान दे, तभी घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
Question 3.
बेला ने सारा फर्नीचर और सामान कहाँ रख दिया और क्यों?
Answer:
बेला ने सारा फर्नीचर और सामान छत पर रख दिया, क्योंकि उसे वह सब पुराना, बेढंगा और फालतू लगा। वह घर को अपने तरीके से आधुनिक बनाना चाहती थी।
Question 4.
कर्मचन्द ने पेड़ से एक डाली टूटकर अलग होने की बात क्यों कही?
Answer:
कर्मचन्द ने कहा कि जैसे पेड़ से डाली टूटकर अलग हो जाए तो वह सूख जाती है, उसी प्रकार परिवार का सदस्य यदि परिवार से अलग हो जाए तो उसका जीवन नीरस और असफल हो जाता है।
Question 5.
दादा जी के ‘बड़प्पन’ के संबंध में क्या विचार थे?
Answer:
दादा जी के अनुसार बड़प्पन वंश, धन या पद से नहीं, बल्कि चरित्र, गुण और व्यवहार से होता है। सच्चा बड़प्पन लोगों का दिल जीतने में है।
Question 6.
बेला की मानसिक दशा का वर्णन कीजिए।
Answer:
बेला शिक्षित और आधुनिक विचारों वाली थी, परंतु उसके भीतर ज्यादा अहम, आत्मसम्मान और श्रेष्ठता का भाव था। उसे संयुक्त परिवार की परंपराएँ और साधारण जीवन पसंद नहीं था। बाद में उसका अहं पिघल जाता है और वह भावुक होकर परिवार को अपनाती है।
Question 7.
दादा जी ने परेश को किस प्रकार मनाया?
Answer:
दादा जी ने परेश को समझाया कि संयुक्त परिवार एक बरगद के पेड़ की तरह होता है और परिवार से अलग होकर कोई सुखी नहीं रह सकता। प्रेमपूर्ण व्यवहार से उन्होंने परेश का क्रोध शांत किया और उसे छोटी बहू को घर घुमाने और समझाने को कहा।
Question 8.
दादा जी ने किस अभिप्राय से सभी को बुलाया और क्या कहा?
Answer:
दादा जी ने परिवार की एकता बनाए रखने के उद्देश्य से सबको बुलाया। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे से प्रेम, सहयोग और सहनशीलता रखो, क्योंकि परिवार की शक्ति एकता में है।
Question 9.
दादा जी की क्या आकांक्षा थी?
Answer:
दादा जी चाहते थे कि उनका परिवार हमेशा संयुक्त रहे और सभी सदस्य मिलजुलकर प्रेम से रहें।
Question 10.
घर के लोगों के व्यवहार में बदलाव देखकर बेला की क्या प्रतिक्रिया थी?
Answer:
जब परिवार के सभी लोग शांत और उदास रहने लगे तथा किसी ने उससे बहस नहीं की, तब बेला भावुक हो गई और उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली।
Question 11.
मालवी ने सारी-की-सारी छत क्यों और कैसे खोद डाली?
Answer:
मालवी ने छत इसलिए खोदी क्योंकि उसे लगा कि वहाँ कुछ दबी हुई वस्तुएँ छिपी हैं। उसने फावड़े से पूरी छत खोद डाली।
Question 12.
बेला अपने मायके क्यों जाना चाहती थी?
Answer:
बेला घर के सदस्यों की नाराज़गी और उपेक्षा से दुखी होकर अपने मायके जाना चाहती थी, क्योंकि उसे लगने लगा था कि घर में उसकी कद्र नहीं है।
Question 13.
इन्दु के मुँह से दादा जी की बात सुनकर बेला ने क्या कहा?
Answer:
बेला ने कहा कि उसे दादा जी से मिलना है और वह अपनी गलती स्वीकार करना चाहती है।
Question 14.
भावावेश में रुँधे हुए कंठ से बेला ने दादा जी से क्या कहा?
Answer:
बेला ने कहा कि वह खुद को परिवार से अलग नहीं करना चाहती और उसे माफ कर दिया जाए। वह अब परिवार का हिस्सा बनकर रहना चाहती है।
Question 15.
दादा जी का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Answer:
दादा जी संयुक्त परिवार के मुखिया हैं। वे अनुभवी, संयमी, समझदार और प्रेमपूर्ण हैं। वे क्रोध से नहीं, बल्कि प्रेम, धैर्य और विवेक से समस्याओं को हल करते हैं। वे एकता के समर्थक हैं और परिवार में आदर्श नेतृत्व प्रदान करते हैं।
Question 16.
बेला की चारित्रिक विशेषताओं पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
Answer:
बेला शिक्षित, आधुनिक विचारों वाली और आत्मसम्मान से भरपूर है। उसमें उत्कृष्टता और श्रेष्ठता का भाव अधिक है, जिससे वह परिवार से दूर होने लगती है। लेकिन वह संवेदनशील है और अपनी गलती समझकर परिवार के प्रति समर्पित हो जाती है।
Question 17.
टिप्पणी लिखिए
- परेश
परेश दादा जी का छोटा पोता है। वह साहसी, नटखट और जिज्ञासु है। घर में बच्चों की तरह सक्रिय है, परन्तु दादा जी और बड़े बुजुर्गों का आदर करता है। उसके व्यवहार में सजीवता और चंचलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
- इन्दु
इन्दु दादा जी की पोती और बेला की सहेली-भाभी है। वह समझदार, बुद्धिमान और संवेदनशील है। परिवार के प्रति उसका प्रेम और सहयोग स्पष्ट है। वह दूसरों की भावनाओं को समझती है और समस्या आने पर प्रेमपूर्ण ढंग से हल निकालती है।
- बड़ी बहू
बड़ी बहू घर की परंपराओं और अनुशासन की पक्षधर है। वह अनुभव से परिपूर्ण है, दूसरों की सलाह सुनती है और परिवार के हित में निर्णय लेती है। उसकी बातों में समझदारी और संयम झलकता है।
- मंझली भाभी
मंझली भाभी मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की है। वह दूसरों के प्रति सहयोगी है और घर में खुशहाली बनाए रखने का प्रयास करती है। उसके व्यवहार में संतुलन, सजीवता और प्रेम की झलक मिलती है।
III. पाठेतर सक्रियताः
विषय: “कुटुम्ब एक महान वृक्ष है।”
कक्षा में चर्चा के लिए मुख्य बिंदु:
- कुटुम्ब = महान वृक्ष
- वृक्ष की तरह कुटुम्ब की जड़ें मजबूत होती हैं और शाखाएँ कई सदस्यों को सहारा देती हैं।
- जैसे वृक्ष अपने फलों और छाया से सभी को लाभ पहुँचाता है, वैसे ही परिवार में सदस्यों का सहयोग और प्रेम जीवन को सुरक्षित बनाता है।
- एकता और सहयोग
- परिवार का हर सदस्य जैसे शाखा और पत्ती, एक-दूसरे का सहारा बनता है।
- परिवार में संघर्ष और मतभेद आते हैं, लेकिन समझदारी और प्रेम से वे हल हो जाते हैं।
- सद्गुणों का विकास
- परिवार बच्चों को संस्कार, आदर और जिम्मेदारी सिखाता है।
- बुजुर्ग अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
- स्नेह और सुरक्षा
- परिवार मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करता है।
- संकट में परिवार का सहयोग व्यक्ति को मजबूत बनाता है।
- निष्कर्ष
- परिवार का महत्व वृक्ष की तरह है; यह जीवन की छाया, संरक्षण और स्थायित्व प्रदान करता है।
- एकजुट और प्रेमपूर्ण परिवार में रहने से व्यक्ति समाज में सफल और संतुलित बनता है।
अध्याय का सारांश: ‘सूखी डाली‘ Summary
अध्याय ‘सूखी डाली‘ पारंपरिक भारतीय परिवार की जटिलताओं और भावनाओं को उजागर करता है। यह कहानी मूलराज के घर की छोटी बहू बेला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पढ़ाई में मन लगाती है और घर के व्यवहार से असंतुष्ट रहती है।
कहानी में देखा जाता है कि घर के लोग, विशेषकर बड़ी बहू, मँझली भाभी और इन्दु, बेला की मदद और आदर करने लगते हैं। परंतु बेला यह सब सम्मान और सुविधाएँ नहीं चाहती; वह सभी के साथ मिलकर काम करना चाहती है। उसका संघर्ष यह दर्शाता है कि परिवार में समझ, सहयोग और समानता की कितनी आवश्यकता है।
साथ ही कहानी में परिवार को पेड़ की रूपक के रूप में दिखाया गया है—जड़ें परिवार की स्थिरता हैं और शाखाएँ सदस्य। पेड़ की शाखाओं की तरह, परिवार के सदस्य आपस में जुड़े रहते हैं और एक-दूसरे का सहारा बनते हैं।
कहानी में हंसी-मजाक, संघर्ष और भावनाओं का मिश्रण है, जो दर्शाता है कि परिवार में मतभेद और परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं, लेकिन प्रेम, समझ और सहयोग से परिवार एक मजबूत और खुशहाल इकाई बना रहता है।
मुख्य संदेश: परिवार, प्रेम, सहयोग और समझ का प्रतीक है; इसके बिना जीवन में स्थायित्व और सुकून नहीं पाया जा सकता।